एफएटीएफ की बैठक में कोई भी देश नहीं देगा पाकिस्तान का साथ
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की हालत बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। वहां पर महंगाई अपने चरम सीमा पर है। दरअसल इसका कारण पाकिस्तान खुद है। उसने अपनी बजट के ज्यादातर पैसों का इस्तेमाल हथियार खरीदने के लिए किया। जिनका प्रयोग आतंकवादी करते हैं। अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था विश्व बैंक और आईएमएफ के लोन पर चल रही है। मगर हाल ही में हो रही एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान के ब्लैक लिस्ट होने का खतरा बढ़ गया है।
वर्तमान समय में चल रही बैठक में यह जानकारी प्राप्त हुई है कि कोई भी देश पाकिस्तान का साथ देने के लिए आगे नहीं आ रहा है। इससे आतंकवाद को फंडिंग करने के कारण पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। जिसके बाद पाकिस्तान को मिलने वाला लोन बंद हो जाएगा और वहां की आर्थिक स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।
चीन भी नहीं दे रहा पाकिस्तान का साथ
पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की पेरिस में चल रही बैठक के दौरान मलेशिया तुर्की और चीन से समर्थन की उम्मीद थी। मगर पाकिस्तान कि आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही न करने की नीति के कारण कोई भी देश उसका समर्थन करने के लिए आगे नहीं आ रहा है। चीन पाकिस्तान के साथ अब तक तो था मगर अब कश्मीर के आतंकवादियों के पास चीन से बनाए हथियार मिलने के कारण उसकी भी अंतरराष्ट्रीय छवि खराब हो रही है। इसी कारण वह पाकिस्तान का समर्थन करने से कतरा रहा है।
पाकिस्तान को डाला जा सकता है डार्क ग्रे लिस्ट में
दरअसल पाकिस्तान पर 18 अक्टूबर को फैसला आना है। पाकिस्तान फाइनल एक्शन टास्क फोर्स को एक डोजियर पेश करने वाला है। जिसमें वह अपने देश में आतंकवादियों के खिलाफ चल रही कार्यवाही के बारे में बताएगा। यदि पाकिस्तान का कदम संतुष्टि भरा नहीं होता तो पाकिस्तान को डार्क ग्रे लिस्ट में डाला जा सकता है जो पाकिस्तान के लिए एक अंतिम चेतावनी होगी।
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